संत साहित्य-श्री परशुराम चतुर्वेदी

कुछ दिनों पूर्व तक संतों का साहित्य प्रायः नीरस बानियों एवं पदों का एक अनुपयोगी संग्रह मात्र समझा जाता था और सर्व साधारण की दृष्टि में इसे हिंदी-साहित्य में कोई विशिष्ट पद पाने का अधिकार नहीं था। किंतु संत साहित्य को विचार-पूर्वक अध्ययन एवं अनुशीलन करने पर यह बात एक प्रकार से नितांत निराधार सिद्ध… continue reading

आदाब-ए-समाअ’ पर एक नज़र-मोहम्मद अ’ली मैकश अकबराबादी

मैंने इस रिसाले में गाने के ज़ाहिरी पहलू पर नज़र की है या’नी शरई’ हैसियत से बह्स की है। सूफ़िया का एक फ़िर्क़ा ख़ुसूसन चिश्तिया गाने को सुलूक में मुफ़ीद ख़्याल करता है और चूँकि ये तक़र्रुब इलाल्लाह का सबब होता है इसलिए ताआ’त-ओ-इ’बादात में शामिल हो जाता है। जिन बुज़ुर्गों ने इससे फ़ाइदा उठाया है… continue reading

Sufi practices as the cause of spiritual, mental and physical healing at Chishti shrines in India and Pakistan

Dargahs is a Persian word and it literally means “court”, a mausoleum of a Sufi (Chaudhry, 2013). The English word shrine accurately conveys the meaning of Dargah. Dargahs are primary parts of the rural and urban setting of Pakistan. Sufism being a religious, political, mystical, communal and cultural entity has influenced the structure of the… continue reading

हज़रत मैकश अकबराबादी

मेरी निगाह ने हस्ती को दी है ज़ौ मैकश मैं देख लूं तो ये मोती है वर्ना शबनम है -(अ’ल्लामा मैकश अकबराबादी) हज़रत क़िब्ला सय्यद मोहम्मद अ’ली शाह मैकश अकबराबादी दास्तान-ए-अदब आगरा के वो आख़िरी ज़ी-इ’ल्म-ओ-नज़र अदीब शाइ’र थे जिनके विसाल के साथ ही ऐवान-ए-अदब आगरा एक शम्अ’ जो बाक़ी रह गई थी वो भी… continue reading

SARMAD: His Life And Quatrains –B.A. Hashmi

Persian poetry before the introduction of the mystic element was generally non-individualistic and objective. The Qasida was indeed developed on a rather elaborate scale, but it was poetry faked for mercenary ends. The Tashbib or the lyric prelude, even when it was adroitly tagged on to the rest of the Qasida seldom formed part of… continue reading

What is Sufism ? – Mir Valiuddin

Scholars wrangle about the derivation of the word Sufi though about its exact connotation I do not think that there is any reason to quarrel. Let us cast a hurried glance at the various attempts of the lexicographers:— 1. Some say: “The Sufis were only named Sufis because of the purity (Safa) of their hearts… continue reading