Articles By Balram Shukla

ASSISTANT PROFESSOR OF SANSKRIT, Department of Sanskrit, University of Delhi, Delhi -110007

सूफ़ी ‘तुराब’ के कान्ह कुँवर (अमृतरस की समीक्षा)

हिन्दुस्तान ने सभ्यता के प्रभात काल से ही विभिन्न पन्थों, मतों, परम्पराओं और वैचारिक पद्धतियों का हृदय से स्वागत किया है । जो भी वस्तु या विचार शुभ है, भद्र है भारत ने उसे हमेशा से आमन्त्रित किया है । ऋग्वेद का ऋषि इसी कामना को “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः[1]” (सभी ओर से… continue reading

Krishna as a symbol in Sufism

सूफ़ियों की समा में श्याम रंग भारत में इस्लाम केवल मुसल्लह ग़ाज़ियों के ज़रिये ही नहीं बल्कि तस्बीह–ब–दस्त सूफ़ियों के करामात से भी दाख़िल हुआ था। सूफ़ी ‘हमा अज़ ऊस्त’(सारा अस्तित्व उसी परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है), तथा ‘हमा ऊस्त’(सम्पूर्ण अस्तित्व तथा परमेश्वर में कोई अन्तर नहीं है), की मान्यता के क़ायल रहे हैं। उन्हें… continue reading