दक्खिनी हिन्दी के सूरदास -सैयद मीरां हाशमी- डॉ. रहमतउल्लाह

ब्रजभाषा के महाकवि सूरदास के अतिरिक्त दक्खिनी हिन्दी में भी एक सूरदास हो चुका है जिसका नाम सैयद मीरां हाशमी बताया जाता है और जो दक्षिण भारत के आदिलशाही राज्यकाल का प्रसिद्ध कवि था। दक्खिनी हिन्दी का अधिकांश साहित्य इसी राज परिवार के संरक्षण में लिखा गया था। सन् 1685 ई. में मुगल सम्राट् औरंगजेब… continue reading

Nizamuddin Auliya: Amir Khusro’s soul       

It was 1253, Saifuddin Shamsi, a Turk, was celebrating the birth of his second son in Patiali. Saifuddin lived next to a man with a gift for prophecy. The man glanced at the baby and said: “You have brought someone who will be two steps ahead of the poet Khaqani.” Abul Hassan Yameen Al Deen… continue reading

खुसरो की हिंदी कविता – बाबू ब्रजरत्नदास, काशी

तेहरवीं शताब्दी के आरंभ में, जब दिल्ली का राजसिंहासन गुलाम वंश के सुल्तानों के अधीन हो रहा था, अमीर सैफुद्दीन नामक एक सरदार  बल्ख़ हज़ारा से मुग़लों के अत्याचार के कारण भागकर भारत आया और एटा के पटियाली नामक ग्राम में रहने लगा। सौभाग्य से सुल्तान शम्सुद्दीन अल्तमश के दरबार में उसकी पहुँच जल्दी हो… continue reading

Sheikh Naseeruddin Chiragh i Dehli

ग़यासपुर स्थित हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह- गर्मियों का मौसम था और दिल्ली गर्म तवे की तरह तप रही थी । दोपहर की इस चिलचिलाती धूप में हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह के जमआत खाने में यह समय ख़ादिमों, मुरीदों और राहगीरों के सुस्ताने का समय होता था । जमआत खाना लोगों से खचाखच भरा… continue reading

Tana Re Tana -Sufinama Studio

Sufinama is dedicated to highlighting the legacy of Sufis – their message of tolerance, compassion and integrity. And as we journey to our souls today and look inward, it gives us great pleasure to announce our new song with video. It is a labour of love. It is our tribute to the masters. Sufis have… continue reading

Guru Nanak’s Music of Eternal Harmony

Among all the founders of religious faiths and spiritual systems, Guru Nanak stands apart and unique with the stunning simplicity and directness of his speech, the Guru Bani, that touches both the hearts and minds at one go and both enlightens and soothes the human souls wallowing in the darkness of despair and desolation of… continue reading