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हज़रत ज़हीन शाह ताजी और उनका सूफ़ियाना कलाम

बाबा ताजुद्दीन नागपुरी महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत हुए हैं। मेहर बाबा ने इन्हें अपने समय के पाँच बड़े अध्यात्मिक गुरुओं में से एक माना है। महात्मा गाँधी भी बाबा ताजुद्दीन से मिलने जाया करते थे। बाबा ताजुद्दीन का व्यक्तित्व बड़ा रहस्यमयी रहा है। हजरत बाबा ताजुद्दीन का जन्म नागपुर शहर से 15 कि.मी. दूर कामठी… continue reading

शैख़ सा’दी का तख़ल्लुस किस सा’द के नाम पर है अज़ जनाब मौलवी मुहम्मद ए’जाज़ हुसैन  ख़ान साहब, रईस-ए-पटना

शैख़ सा’दी के मुआ’सिर शम्स बिन क़ैस राज़ी की तसनीफ़ अल-मो’जम फ़ी-मआ’इर-ए-अशआ’रिल  अ’जम, मिर्ज़ा मुहम्मद बिन अ’ब्दुल वहाब क़ज़वीनी के तर्तीब-ओ-तहशिया से शाए’ हुई है, इस पर मिर्ज़ा साहब का एक बसीत आ’लिमाना मुक़द्दमा भी सब्त है। इस मुक़द्दमा में मिर्ज़ा साहब मौसूफ़ ने शैख़ सा’दी के तख़ल्लुस पर इस तक़रीब से नज़र डाली है कि इस मुआ’सिर… continue reading

शाह नियाज़ अहमद नियाज़ बरेलवी(इस्तिदराक)अज़ जनाब मुहम्मद अय्यूब क़ादरी साहब

जनाब डॉ लतीफ़ हुसैन अदीब बरेलवी का एक फ़ाज़िलाना मक़ाला हज़रत शाह नियाज़ अहमद नियाज़ बरेलवी पर मआ’रिफ़ आ’ज़मगढ, जिल्द94 शुमारा नंबर 5 (नवंबर सन1965 ई’सवी) में शाए’ हुआ है।फ़ाज़िल मक़ाला-निगार ने हज़रत नियाज़ बरेलवी की शाइ’री पर अछूते अंदाज़ में तआ’रुफ़-ओ-तब्सिरा फ़रमाया है।उस मक़ाला के आख़िर में लिखा है : “ख़ानक़ाह-ए-नियाज़िया के ज़ख़ीरा-ए-नवादिरात में थोड़ा… continue reading

हज़रत क़ुतुबुद्दीन बख़्तियार-ए-काकी के मजमूआ’-ए-मल्फ़ूज़ात फ़वाइदुस्सालिकीन का मुताला’ अज़ जनाब मौलाना अख़्लाक़ हुसैन देहलवी साहब

फ़वाइदुस्सालिकीन फ़ारसी नुस्ख़ा मतबूआ सन1310 हिज्री सन1891 ई’सवी मतबूआ’ मुज्तबाई, दिल्ली ,इंडिया, हजम 36  सफ़हात,  साइज़ 20 X 26 ये किताब क़ुतुबल-अक़्ताब हज़रत ख़्वाजा क़ुतुबुद्दीन बख़्तियार ओशी  अल-मुतवफ़्फ़ा सन 633 हिज्री के गिराँ-क़दर मल्फ़ूज़ात  का मजमूआ’ है जिसे हज़रत बाबा फ़रीद मसऊ’द गंज शकर मुतवफ़्फ़ा सन 670 हिज्री ने मुदव्वन फ़रमाया था, ये मजमूआ’–ए-मल्फ़ूज़ात  सात मजालिस पर मुश्तमिल है हर मज्लिस के… continue reading

तारीख़-ए-वफ़ात निज़ामी गंजवी-जनाब क़ाज़ी अहमद साहब अख़्तर जूनागढी

इख़्तिलाफ़-ए-सन : फ़ारसी शोरा के हालात में आ’म तौर पर सिनीन-ओ-तवारीख़ ब-लिहाज़-ए-सेहत मुश्तबा और बसा औक़ात मुख़्तलिफ़ पाई जाती हैं, लेकिन जैसा शदीद इख़्तिलाफ़ निज़ामी की तारीख़-ए-वफ़ात में है, शायद ही किसी शाइ’र या मुसन्निफ़ की निस्बत पाया गया हो, इसकी वजह ज़्यादा-तर यही मा’लूम हुई है कि निज़ामी की मस्नवियाँ जिनसे उनकी तारीख़-ए-वफ़ात पर इस्तिनाद किया जता… continue reading

Mulla Nasiruddin Modern tales-12

‘Blessing is excess, so to speak, an excess of everything. Don’t be content with being a faqih (religious scholar), say I want more – more than being a Sufi (a mystic), more than being a mystic – more than each thing that comes before you. Nasruddin loved this quote by his fellow guest from the… continue reading