संत साहित्य-श्री परशुराम चतुर्वेदी

कुछ दिनों पूर्व तक संतों का साहित्य प्रायः नीरस बानियों एवं पदों का एक अनुपयोगी संग्रह मात्र समझा जाता था और सर्व साधारण की दृष्टि में इसे हिंदी-साहित्य में कोई विशिष्ट पद पाने का अधिकार नहीं था। किंतु संत साहित्य को विचार-पूर्वक अध्ययन एवं अनुशीलन करने पर यह बात एक प्रकार से नितांत निराधार सिद्ध… continue reading

PAANCH PIR- MUHAMMAD ENAMUL HAQ

Introductory: Belief in Paanch Pir is a universal phenomenon all over Northern Indo-Pak sub-continent. It forms a cult known as ‘PAANCH PIRIYA,’ which neither orthodox Islam nor orthodox Hinduism claims as its own. Yet the belief is widely prevalent among the adherents of both the religions. In fact, uneducated Muslims pay homage to and low-caste… continue reading

शाह नियाज़ बरैलवी ब-हैसिय्यत-ए-एक शाइ’र- हज़रत मैकश अकबराबादी

अक्सर अहल-ए-कमाल ऐसे होते हैं जिनमें चंद कमालात मुज्तमा’ हो जाते हैं मगर बा’ज़ कमाल इस दर्जा नुमायाँ होते हैं कि उनके दूसरे कमालात उन कमालात में मह्व हो कर रह जाते हैं ।मसलन हकीम मोमिन ख़ाँ का तिब्ब और नुजूम शाइ’री में दब कर रह गया, ज़ौक़ और मीर का इ’ल्म-ओ-फ़ज़्ल शाइ’री में गुम… continue reading

हज़रत सय्यद शाह अमीन अहमद फ़िरदौसी

किसी भी शै को मुमताज़ और ख़ुश-गवार बनाने के लिए ग़ैर मा’मूल सिफ़त का होना ज़रूरी होता है ख़ाह वो शाहाँ-ए-ज़माना हो या सूफ़िया-ए-किराम जिनकी हसीन तर ज़िंदगी या’नी अख़्लाक़-ओ-किर्दार की बिना पर वो शहर-ए-जहाँ ये बस्ते हैं मुम्ताज़ होती है,इस तरह इमतिदाद-ए-ज़माना के बा’द रफ़्ता-रफ़्ता उन शाहों के रसूख़ में कमी आने लगती है… continue reading

THE KHAN KHANAN AND HIS PAINTERS, ILLUMINATORS AND CALLIGRAPHERS- M. MAHFUZ UL HAQ .

WE know so little about the life-history of the artists of the period of Akbar and Jahangir—nay, of the Mughal artists in general—that even a scrap of paper, which may throw light on the biography of these artists, is of value to a student of Mughal art. Writers on Mughal painting have ordinarily made use… continue reading

SHAH GHARIB ALLAH OF CHITTAGONG -ABDUL KARIM

At a little distance to the north of Chittagong town there is, on a hill top, a grave enclosed in mud walls and roofed over by C. I. sheets The grave is an object of veneration and local people visit the place in large numbers, particularly on the days of Muslim festivals. According to tradition… continue reading