Articles By Muhammad Raiyan Abulolai

The life and times of Shah Akbar Danapuri

सूबा-ए-बिहार अपनी अज़मत के लिहाज़ से दीगर जगहों पर फ़ौक़ियत रखता है। इस्लाम की आमद के पहले यहाँ बौध और जैन मज़हब की ता’लीमात आम थीं। 576 हिज्री के बा’द मुस्लमानों की आमद सूबा-ए-बिहार के खित्ते में कसरत से हुई । फ़ातिह-ए-मुनीर हज़रत इमाम मुहम्मद अल-मारूफ़ ब-ताज-ए-फ़क़ीह मक्की की तीन औलाद मुहम्मद इसराईल,मुहम्मद इसमाईल और अबदुल अज़ीज़ ने यहाँ इस्लाम की तरवीज-ओ-इशाअत… continue reading

Bihar ki bahar- Sayyad Ahamd Charm-posh

बिहार की बहार:सय्यद अहमद चर्म-पोश बिहार शरीफ़ की अज़्मत-ओ-वक़ार हिन्दोस्तान की तारीख़ का एक ज़र्रीं बाब है  ख़्वाह हिंदू हो या मुस्लिम,बौद्ध धर्म वाले हों या जैन मज़हब वाले सभों को इस की अज़्मत का ए’तिराफ़ है. सिलसिला-ए-चिश्तिया के साथ ही साथ सिलसिला-ए-सुहरवर्दिया की तरवीज-ओ-इशाअ’त भी ख़ानवादा-ए-ताज फ़क़ीह के बा’द सूबा-ए-बिहार में ख़ूब से ख़ूब हुई… continue reading