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सुल्तान सख़ी सरवर लखदाता-मोहम्मदुद्दीन फ़ौक़

आबा-ओ-अज्दाद पौने सात सौ साल का ज़िक्र है कि एक बुज़ुर्ग ज़ैनुल-आ’बिदीन नाम रौज़ा-ए-रसूल-ए-पाक के मुजाविरों में थे।इसी हाल में वहाँ उनको बरसों गुज़र गए।रसूल-ए-करीम की मोहब्बत से सरशार और रौज़ा-ए-अक़्दस की ख़िदमात में मस्त थे कि ख़ुद आँ-हज़रत सलल्ल्लाहु अ’लैहि व-सलल्लम ने एक रात ख़्वाब में फ़रमाया कि उठ और हिन्दुस्तान की सैर कर।आप… continue reading

Hazrat Nizamuddin Auliya and Amir Khusrau through the lens of a young photographer Aalok Soni

More than 700 years ago, this khanqah bustled with activity. The troubled would be given solace and the poor would be fed.  Nizamuddin Auliya knew poverty well. He had gone hungry too. He wouldn’t be able to sleep at night because someone had gone hungry somewhere. The khanqah was the home of faith. The nobleman… continue reading

Nizamuddin Auliya: Amir Khusro’s soul       

It was 1253, Saifuddin Shamsi, a Turk, was celebrating the birth of his second son in Patiali. Saifuddin lived next to a man with a gift for prophecy. The man glanced at the baby and said: “You have brought someone who will be two steps ahead of the poet Khaqani.” Abul Hassan Yameen Al Deen… continue reading

खुसरो की हिंदी कविता – बाबू ब्रजरत्नदास, काशी

तेहरवीं शताब्दी के आरंभ में, जब दिल्ली का राजसिंहासन गुलाम वंश के सुल्तानों के अधीन हो रहा था, अमीर सैफुद्दीन नामक एक सरदार  बल्ख़ हज़ारा से मुग़लों के अत्याचार के कारण भागकर भारत आया और एटा के पटियाली नामक ग्राम में रहने लगा। सौभाग्य से सुल्तान शम्सुद्दीन अल्तमश के दरबार में उसकी पहुँच जल्दी हो… continue reading

Sheikh Naseeruddin Chiragh i Dehli

ग़यासपुर स्थित हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह- गर्मियों का मौसम था और दिल्ली गर्म तवे की तरह तप रही थी । दोपहर की इस चिलचिलाती धूप में हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह के जमआत खाने में यह समय ख़ादिमों, मुरीदों और राहगीरों के सुस्ताने का समय होता था । जमआत खाना लोगों से खचाखच भरा… continue reading

Tana Re Tana -Sufinama Studio

Sufinama is dedicated to highlighting the legacy of Sufis – their message of tolerance, compassion and integrity. And as we journey to our souls today and look inward, it gives us great pleasure to announce our new song with video. It is a labour of love. It is our tribute to the masters. Sufis have… continue reading