Articles By Sufinama

Sufism transcends religion, language, nationality and has, over the years, emerged as a unifying force that moves us beyond the physical realm, into a spiritual one. Sufinama is dedicated to the legend of #Sufis and #Saints of Indian Subcontinent and all over the world. #Sufinama. #Sufism

Dara Shukoh and Baba Laal Bairaagi.(दारा शुकोह और बाबा लाल बैरागी की वार्ता )

रोज़ ए अजल से इस जहान ए फ़ानी के अर्श पर गर्दिश करती आत्मा की यह पतंग उस दिन फिर वक़्त की आँधी मे टूट कर ज़मीन पर आ गिरी। इस पतंग ने उन खुदा के बंदों को देखा है जिन्होने इसे इश्क़ की डोर से बांध कर कन्नी दी और पतंग को दोबारा अर्श… continue reading

Ishqbaazi (इश्क़बाज़ी)

रोज़ ए अज़ल से यह कहानी चलती आ रही है । खुदा ने जब ये क़ाएनात बनाई तो साथ ही साथ आत्मा की पतंग भी इश्क़ की डोर से बांध कर उड़ा दी । पतंग जब आसमान में पहुंची तो उसे ऐसा लगने लगा कि ये डोर उसे बांध रही है । उसकी अंतरात्मा ने… continue reading

Bhakti Movement and Sulh e Kul ( भक्ति आंदोलन और सुल्ह ए कुल )

भक्ति आंदोलन हिंदुस्तानी संस्कृति के सामान ही विविधताओं का पिटारा है। हिन्दू और मुसलमान भक्त कवियों ने जहाँ जात पात और मज़हब से परे मानवता और प्रेम को अपनाया वहीं सूफ़ियों से उनका प्रेम तत्व भी ग्राह्य किया। भक्ति आंदोलन की शुरुआत तो आठवी शताब्दी में ही अलवार संतों द्वारा हो गयी थी परन्तु कबीर… continue reading

Story of an interview between Hazrat Waris Pak and Sir Syed Ahmed.

An interesting story is told of an interview between Hazrat Waris Pak and the late Sir Syed Ahmed. Haji Saheb happened to visit Aligarh. Sir syed on hearing his visit, sent a message to him requesting for a private interview , and he was asked to come in the evening. Sir Syed arrived late in… continue reading

Count Galaraza (A spanish Student of Waris Pak) and his letter

A strange story is told of a Spanish nobleman of the name of Count Galaraza who came all the way from Spain to pay a visit to Haji Waris Pak and to be initiated in his order in London. A disciple of Haji Saheb who was intrested in spiritualism made an exhibition of his powers…. continue reading

समाअ और क़व्वाली का सफ़रनामा

दिल्ली में हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह गंगा-जमुनी तहज़ीब और सूफ़ी संस्कृति का एक बुलंदतरीन मरकज़ है । यहाँ तमाम मज़हब के लोगों की आमद और अक़ीदत देखते बनती है । हर जुमेरात  को ख़ासतौर से यहाँ क़व्वाली का आयोजन होता है जिसमें ख़ास-ओ-आम सबकी शिरकत होती है। आजकल भी क़व्वाली लोगों के लिए एक… continue reading

Kabir aur Sheikh Taqi Suhrawardi ( कबीर और शेख तक़ी सुहरावर्दी )

कबीर भारतीय संस्कृति के एक ऐसे विशाल वट वृक्ष हैं जिसकी छाया में भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं परंपरा को फलने फूलने का अवसर मिला तथा जिसकी इस शीतल छाया के कारन ही भारतीय संस्कृति धर्मान्धता की प्रचंड गर्मी से बची रही और आपसी भाईचारे, धर्म-सहिष्णुता एवं मानव मूल्यों के महत्व को जान पायी, उसे अंगीकार… continue reading

Indian Sufism

हिंदुस्तान सदियों से सांस्कृतिक चेतना एवं वैचारिक चिंतन की उर्वर भूमि रहा है. कोस कोस पर बदलती भाषाएं, पहनावे एवं मौसम इस संस्कृति की विविधता को जाने किस रंग में रंगते हैं कि दिलों में एकता और सद्भाव का रंग गाढ़ा और गाढ़ा होता चला जाता है. हिंदुस्तान में सूफियों का आगमन एक खुशबू की… continue reading

Malangs of India

हिन्द में सूफ़ियों और संतों के बीच एक कहानी बहुत प्रचलित है – एक संत किसी शहर के जानिब बढ़ा जा रहा है . उसके आने की खबर जब उस शहर में रहने वाले एक दूसरे संत को होती है तो वह उसके लिए पानी से भरा एक प्याला भेज देता है .यह देखकर पहला… continue reading