हज़रत शाह ‘अकबर’ दानापुरी और “हुनर-नामा”

फिरेंगे कैसे दिन हिंदुस्ताँ के

बला के ज़ुल्म हैं इस आसमाँ के

अगर हिंदू-मुसलमाँ मेल कर लें

अभी घर अपने ये दौलत से भर लें

गया इक़्बाल फिर आए हमारा

अभी इदबार गिर जाए हमारा

इलाही एक दिल हो जाएं दोनों

वज़ारत इंडिया की पाएं दोनों

दूल्हा और दुल्हन का आरिफ़ाना तसव्वुर – शमीम तारिक़

दूल्हा और दुल्हन बहुत आम फ़हम अलफ़ाज़ हैं। इनकी तहज़ीबी हैसियत और समाजी मानविय्यत से वो भी वाक़िफ़ हैं जिन्हें दूल्हा या दुल्हन बनने का मौक़ा मिल चुका है और वो भी जो दूसरों की बारात या रुख़्सती देखने पर इक्तिफ़ा करते रहे हैं मगर सूफ़ी और भक्त शाइरों के कलाम में ये दोनों लफ़्ज़… continue reading

Kabir aur Sheikh Taqi Suhrawardi ( कबीर और शेख़ तक़ी सुहरवर्दी )

कबीर भारतीय संस्कृति के एक ऐसे विशाल वट वृक्ष हैं जिसकी छाया में भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं परंपरा को फलने फूलने का अवसर मिला तथा जिसकी इस शीतल छाया के कारन ही भारतीय संस्कृति धर्मान्धता की प्रचंड गर्मी से बची रही और आपसी भाईचारे, धर्म-सहिष्णुता एवं मानव मूल्यों के महत्व को जान पायी, उसे अंगीकार… continue reading

Indian Sufism

हिंदुस्तान सदियों से सांस्कृतिक चेतना एवं वैचारिक चिंतन की उर्वर भूमि रहा है. कोस कोस पर बदलती भाषाएं, पहनावे एवं मौसम इस संस्कृति की विविधता को जाने किस रंग में रंगते हैं कि दिलों में एकता और सद्भाव का रंग गाढ़ा और गाढ़ा होता चला जाता है. हिंदुस्तान में सूफियों का आगमन एक खुशबू की… continue reading

Malangs of India

हिन्द में सूफ़ियों और संतों के बीच एक कहानी बहुत प्रचलित है – एक संत किसी शहर के जानिब बढ़ा जा रहा है . उसके आने की खबर जब उस शहर में रहने वाले एक दूसरे संत को होती है तो वह उसके लिए पानी से भरा एक प्याला भेज देता है .यह देखकर पहला… continue reading