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मिस्टिक लिपिस्टिक और मीरा

डर्हम के बिशप को भी विक्टोरिया के समय में कहना पड़ा था कि “मिस्टिक लोगों में ‘मिस्ट’ नहीं है। वह बहुत साफ़ साफ़ देखते हैं और कहते हैं।” पश्चिम में इसका सब से बड़ा प्रमाण विलियम लौ की ‘सीरियस कौल’ नामी पुस्तक है जिसने अठारवीं सदी में भी इंग्लिस्तान में धर्म की धारा बहाई और… continue reading

Characteristics of the Chishtia Silsila-Maikash Akbarabadi

SUFIS have never been negligent towards their duty as preachers of high morals and spirituality. They have always considered themselves responsible for the reform of the whole of mankind, irrespective of caste and creed, race and religion, and have considered every community of the worlds as deserving of their love and compassion. In the very… continue reading

हज़रत सय्यद शाह फ़रीदुद्दीन अहमद चिश्ती

कमालाबाद अल-मा’रूफ़ ब-काको अपनी क़दामत और हिदायत-ओ-लियाक़त के लिहाज़ से हमेशा मुमताज़ रह है। यहाँ मशहूर वलिय्या हज़रत मख़्दूमा बी-बी हद्या अ’ल-मारूफ़ ब-कमाल क़ुद्दिसा सिर्रहा का आस्ताना-ए-मुतबर्रका मुल्क भर में मशहूर है। कसरत से बंदगान-ए-ख़ुदा इस दर पे आ कर मन की मुराद पाकर ब-खु़शी वापस होते हैं। ये जगह हज़रत बी-बी कमाल की दामन-ए-मोहब्बत… continue reading

हज़रत ख़्वाजा शाह रुक्नुद्दीन इ’श्क़

ये मय-परस्तों का मय-कदा है ये ख़ानकाह-ए-अबुल-उ’ला है कोई क़दह-नोश झूमता है तो कोई बे-ख़ुद पड़ा हुआ है इस बर्र-ए-सग़ीर में सिलसिला-ए-अबुल-उ’लाइया का फ़ैज़ान और इस की मक़बूलियत इस तरह हुई कि हर ख़ानक़ाह से इस का फ़ैज़ान जारी-ओ-सारी हुआ।सिलसिला-ए-अबुल-उ’लाईया के बानी-मबानी महबूब-ए-जल्ल-ओ-अ’ला हज़रत सय्यदना शाह अमीर अबुल-उ’ला अकबराबादी क़ुद्दिसा सिर्राहु मुतवफ़्फ़ा1061हिज्री हैं। ये सिलसिला… continue reading

हज़रत शैख़ शर्फ़ुद्दीन अहमद यहया मनेरी

सूबा-ए-बिहार का ख़ित्ता मगध,पाटलीपुत्र,राजगीर और मनेर शरीफ़ अपनी सियासी बर-तरी, इ’ल्मी शोहरत के साथ साथ रुहानी तक़द्दुस और अ’ज़मत के लिए हर दौर में मुमताज़-ओ-बे-मिसाल रहा है। हिंदू मज़हब हो या बौध-धर्म, जैन मज़हब हो या कोई दूसरा मकतबा-ए-फ़िक्र ग़र्ज़ कि हर दौर में इसकी अपनी ख़ुसूसियत और अहमियत रही है। इस्लामी अ’ज़मत और आ’रिफ़ाना… continue reading

मकनपुर शरीफ़ चित्रावली

मकनपुर कानपुर शहर से 66 किलोमीटर की दूरी पर बसा एक सुन्दर गाँव है जहाँ हज़रत सय्यद बदीउद्दीन ज़िन्दा शाह मदार की दरगाह स्थित है. अप्रैल 2011 में मेरा मकनपुर जाना हुआ था. मैं मलंगों से सम्बंधित अपने निजी शोध के लिए वहां गया था और 3 दिन रहा. उस दौरान बहुत सी तस्वीरें भी… continue reading